
माध्यमिक षिक्षा निदेषक महावीर सिंह बिष्ट तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी के0के0 गुप्ता के निर्देषानुसार पर्यावरण को हरा भरा रखने की दृष्टि से नेषनल कन्या इण्टर कालेज, खानपुर में षिक्षकों तथा छात्राओं ने वृक्षारोपण कर हरेला पर्व धूमधाम से मनाया।
प्रधानाचार्य बलराम गुप्ता ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि हरेला पर्व हरियाली का प्रतीक है। उत्तराखंड में हरेला पर्व से सावन मास की शुरूआत मानी जाती है। सावन मास में हरेला पर्व का विषेष महत्व हैं। सावन भगवान षिव का प्रिय महीना है और उत्तराखंड को षिव भूमि भी कहा जाता हैं।
उप प्रधानाचार्य प्रमोद शर्मा ने कहा कि हरेला पर्व के समय षिव परिवार की पूजा अर्चना की जाती है और धन्यवाद अदा किया जाता हैं। उन्होंने कहा कि इस पर्व को षिव पार्वती के विवाह के रूप में भी मनाया जाता हैं। एन0सी0सी0 अधिकारी कैप्टन रविन्द्र कुमार व राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी मीनू यादव ने कहा कि सावन माह प्रारम्भ होने से नौ दिन पहले हरेला बोने के लिये टोकरी का चयन किया जाता हैं। इसमें मिट्टी डालकर गेहूँ, जो, धान, गहत, भट्, उड़द, सरसों आदि 5 या 7 प्रकार के बीजों को बो दिया जाता हैं तथा 10 वें दिन इनके पौद्यो को काटा जाता है जिन्हे हरेला कहा जाता है। घर के सभी सदस्य इन्हे आदर पूर्वक अपने शीष पर रखते हैं। यह घर मे सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
हरेला पर्व के अवसर पर विधालय प्रांगण में 10 पौद्ये रौपे गये तथा उनके संरक्षण व परवरिष का दायित्व भिन्न-भिन्न षिक्षकों व छात्रों को दिया गया। इस मौके पर मुकेष कुमार, सविता धारीवाल, पंकज कुमार, मिनाक्षी, डॉ0 पारस कुमार, विजय कुमार, गायत्री, कुषमणि चौहान, बबीता देवी, संजय गुप्ता, सुधा रानी, अखिल वर्मा, डॉ0 रंजना, नूतन, रूबी देवी, सोमेन्द्र सिंह पंवार, अमित कुमार, विषाल कुमार, ओमपाल सिंह, बृजपाल, सुन्दर, जावेद आदि उपस्थित रहें।
