ब्रह्माकुमारीज के ईश्वरीय व राष्ट्र सेवा कार्यक्रमो की प्रशंसा की महेंद्र भट्ट ने

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ब्रह्माकुमारीज के ईश्वरीय व राष्ट्र सेवा कार्यक्रमो की प्रशंसा की महेंद्र भट्ट ने! रुड़की में भी ब्रह्माकुमारीज केंद्र पर मनाया गया दीपोत्सव देहरादून/रुड़की-देहरादून के सुभाष नगर सेवाकेन्द्र पर  दीपावली का त्यौहार हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक रीति से मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद  महेंद्र भट्ट  ने हाल ही  में की अपनी माउन्ट आबू की यात्रा  के सुखद अनुभव को साझा किया।उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था के ईश्वरीय व राष्ट्र सेवा कार्यक्रमो की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “मधुबन ” यानि ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय,माउंट आबू में एक ऐसा धाम है जहां जाकर मन की शान्ति व संतुष्टी का गहन अनुभव होता है।उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान केवल इसी से मनुष्य संतुष्ट हो जाता तो ब्रह्माकुमारीज जैसे आध्यात्मिक संस्थानों को आत्म संतुष्टि के लिए इतने प्रयास ना करने पड़ते। ये सुख – सुविधाएं केवल तन के सुख के पर्याय हैं, मनुष्य को सुखी रहने के लिए तन के सुख के साथ साथ, बुद्धि का सुख और मन का सुख और आत्मा का सुख भी चाहिए , जो ब्रह्माकुमारीज के द्वारा दी गई शिक्षा व आचरण से प्राप्त होता है। जो सुख मैने माउन्ट आबू में अनुभव किया और आज यहां आकर अनुभव कर रहा हूं, जिसके लिए मैं संस्था का आभारी हूं, और संस्था से जुड़े रहने की अभिलाषा रखता हूं देहरादून सर्किल  प्रभारी राजयोगिनी बी के मंजू बहन ने  दीपावली का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि, “दीपावली” जगमगाते हुए दीपों की रोशनी का त्यौहार है। इस पर्व के हर एक रीति रिवाज के पीछे आध्यात्मिक रहस्य है ,जिसे जानकर हम अपने जीवन को एक नई सोच और नई दिशा दें और नए युग के आगमन का शुभारंभ करें, अपने आत्मिक स्वरूप को जानकर महाजयोति परमात्मा से जुड़कर अपना आत्मा रुपी दिया जगाएं परमात्मा के द्वारा दी जाने वाली राजयोग की शिक्षा को ग्रहण कर अपने आचरण को इतना श्रेष्ठ बनाएं, जिससे इस देव भूमि उत्तराखंड का हर नर – नारायण और हर नारी- लक्ष्मी के सामान बन जाएं , और ये देवभूमि वास्तव में देवी देवताओं के निवास की भूमि बन जाएं , ये देवभूमि  नाम  सार्थक हो जाए। अतः राजयोग के द्वारा जीवन में खुशियों के दीप जलाएं और सच्ची दीपावली मनाएं।हरिद्वार सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी बी के मीना बहन  ने  दीपावली के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली त्यौहार  अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है,साथ ही अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक भी इस पर्व को माना गया है। जिस प्रकार अंधकार में मनुष्य भटकता है, उसी प्रकार अज्ञानता में भी दुख, भय, चिन्ता के अंधकार में मनुष्य भटकता रहता है, इस अज्ञान अंधेरे को दूर करने वाला है, सत्य ज्ञान का प्रकाश, जो आत्मा के दीप जलने के बाद ही सुख ,शांति और समृद्धि के सवेरे अर्थात  सतयुग के रूप में प्रत्यक्ष होता है। वही सच्ची दीपावली है,जिसमें हर आत्मा की ज्योत जगी होगी। राजयोग के द्वारा जीवन में खुशियों के दीप जलाएं और सच्ची दीपावली मनाएं।दीपावली के इस कार्यक्रम में संस्था से जुड़े छात्र, छात्राओं  ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। जिसमें मुख्य रूप से स्वाति राणा, अक्षिता , शिवांगी, अयाना, अनन्या और सनातन शामिल रहे।कार्यक्रम का कुशल संचालन  बी के सुशील ने किया।वही रुड़की ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र पर आयोजित दीपोत्सव में माउंट आबू से आए चाय विभाग प्रमुख बुधेश्वर भाई ने ईश्वरीय सेवा से जुड़े अपने अनुभव सुनाए।उन्होंने कहा कि उनकी माउंट आबू के मधुबन में रहकर ही सेवा करने की तमन्ना थी,जो परमात्मा शिव ने पूरी की है,उनके साथ आए गोड़ली गिफ्ट विभाग के चतुर्भुज भाई ने भी आने अनुभव साझा किए।इसके साथ ही राजयोगिनी गीता बहन ने दीपावली के आध्यात्मिक महत्व पर बोलते हुए लौकिक दीयो के साथ ही अपनी आत्मा की ज्योति प्रकाशमान करने की बात कही और दीप प्रज्ज्वलन किया।


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