
महाशिवरात्रि पर सर्वधर्म विद्वानों ने फैहराया ब्रह्माकुमारीज़ का शिव ध्वज !
रुड़की-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के दक्षिण सिविल लाइंस के नवनिर्मित रुड़की सेवा केंद्र द्वारा महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आज से शिव जयंती महोत्सव मनाया गया। ब्रह्माकुमारीज़ देहरादून की सबजोन इंचार्ज राजयोगिनी मंजू दीदी की अध्यक्षता व ब्रह्माकुमार सुशील भाई के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेंट मार्क्स सीनियर सेकंडरी स्कूल के निदेशक कुंवर जावेद इकबाल ने कहा कि वे ब्रह्माकुमारीज़ के प्रेरक वीडियो देखते है,जो मन को असीम शांति का अनुभव कराने के साथ ही विकारों से मुक्ति की राह भी बताते है।उन्होंने परमात्मा व अल्लाह को एक ही परमशक्ति के अलग अलग नाम बताए।विशिष्ट अतिथि गुरुद्वारा सिंह सभा रुड़की के पूर्व अध्यक्ष सरदार सुरजीत सिंह चँधौक ने कहा कि गुरु नानक साहब ने भी ईश्वरीय ज्ञान प्राप्ति के लिए शिव साधना की थी।उन्होंने सिख धर्म को हिंदुओ की रक्षा के लिए गठित आध्यात्मिक संगठन बताया जो अन्याय का परिवाद करता रहा है।विशिष्ट अतिथि ईसाई धर्म के मैरिज रजिस्ट्रार लारेंज गैब्रियल ने कहा कि सर्वधर्मो में सबसे बड़ी आवश्यकता प्रेम की है,यह प्रेम हर व्यक्ति को ईश्वर यानि गॉड के साथ करना चाहिए।तभी हम सुखी व सम्रद्ध रह सकते है।कार्यक्रम की शुरुआत में रुड़की सेवा केंद्र प्रभारी बीके गीता दीदी ने सभी का स्वागत किया और अतिथियों ने दीप प्रज्वलित करके व शिव ध्वज फैहराकर विकार त्यागने व पवित्रता धारण करने का संकल्प लिया। राजयोगिनी बीके सोनिया दीदी ने आध्यात्मिक रूप से शिव जयंती का महत्व समझाया।।राजयोगिनी बीके मीना दीदी ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला व कहा कि शिव रात्रि अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का एक ऐसा अवसर है जिसमे हम परमात्मा शिव को याद करके अवगुणों को त्यागकर सद्गुणी बन सकते है।उन्होंने राजयोग का अभ्यास भी कराया। ब्रह्माकुमारीज से जुड़े भाई बहनों के स्वेत वस्त्रों ,आध्यात्मिक संदेशों व शिव ध्वज की पताकाओं से आकर्षण का केंद्र बने नए भवन के इस भव्य कार्यक्रम में एक नन्ही बालिका ने शिव गायन नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।इस अवसर बीके रजनी,बीके बबिता,श्रीगोपाल नारसन, हसीन ,अनिल भाई,डॉ प्रदीप रस्तोगी, एआरटीओ एल्विन रॉक्सी,सुषमा विश्वास, अमरेश,रेखा,बृजपाल, यशपाल, बृजभूषण कपिल,सुमन, प्रियंका,डॉ सपरा,भोपाल भाई आदि शामिल रहे।
