
रूडकी (हर्ष विश्व मानव )देश के अमर शहीदों की याद में मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन पीठ बाजार लंढौरा (खानपुर )मे किया गया जिसमें शायरों को सुनने के लिए क्षेत्र के आसपास के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया शायर व कवियों का हौसला अफजाई की शायरों ने भी अपने अंदाज में आज की राजनीति और इंसान की जिंदगी में गुजरने वाले हर एक पल को अपनी शायरी के अंदाज में मंच के माध्यम से पेश किया मुशायरें में भाग लेने वाले देश भर से शायर तशरीफ़ लेकर आये वही खुले मंच से अपनी शायरी के दम से लोगों को देर रात तक बैठने पर मजबूर कर दिया कार्यक्रम के संयोजक रहमत अली ने मुशायरें में आए सभी साथियों का दिल से इस्तकबाल किया शायर अल्ताफ जिया सिकंदर हयात गड़बड़ गुलजार जिगर देवबंदी मोहतरमा इकरा नूर मोहतरमा निगहत दानिश गजल अली बाराबंकी अलीम वाजिद ने अपनी शायरी और गजलों से तमाम श्रोताओं का दिल जीत लिया एक शायर अपने अंदाज में उस बात को कह जाता है जो एक आम आदमी नहीं कह पता लेकिन शायर की हर बात का कोई ना कोई मतलब जरूर होता है हर एक बंदिश और शायरी कुछ ना कुछ जिंदगी से जुडी कई छोटी बड़ी बातों से होकर गुजरती है तो सुनने वाले श्रोता सुनने पर मजबूर हो जाते हैं और शायरी कविताओं का दौर शुरू हो जाता है कार्यक्रम की शुरुआत अलग अंदाज में की गई देश भर से आए शायरों ने अपनी नई शायरी और पुरानी गजलों से श्रोताओं का मन मोह लिया मुशायरा और कवि सम्मेलन आपसी भाईचारे का संदेश देता है जिसमें हिंदी मातृभाषा का साथ भी होता हैं और उर्दू की तहजीब भी दोनों भाषाओं का मिश्रण होता है यूं कहिए कि दो भाई एक साथ खड़े होकर गजल और कविताएं सुना रहे हो कार्यक्रम में पहुंचे नगर पंचायत ढंडेरा के सामाजिक कार्यकर्ता हरिद्वार इंटक के जिला अध्यक्ष उदय सिंह पंडीर ने फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की उन्होंने कहा कि मुशायरा कवि सम्मेलन भाईचारे का संदेश देता है और हमारी गंगा जमुनी तहजीब को भी प्रस्तुत करने का काम करता है हम भारतीयों की संस्कृति में शामिल है सांस्कृतिक कार्यक्रम इस का जीता जागता सबूत है मुशायरा कवि सम्मेलन उन्होंने श्रोताओं के साथ-साथ मुशायरें में भाग लेने वाले शायर वह कवियों का उत्साहवर्धन किया और कहां के इस तरह के कार्यक्रम आगे भी होते रहने चाहिए ताकि हमारा आपसी भाईचारा और प्यार यूं ही बना रहे कार्यक्रम में देश भर के कवियों और शायरों ने अपने-अपने अंदाज में प्रस्तुति दी और श्रोताओं का मन मोह लिया हर वर्ष की भांति इस वर्ष में मुशायरा कामयाब रहा
