अषासकीय विद्यालय प्रबंधक एसोसिऐषन की बैठक में जिला अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार गुप्ता ने प्रदेष सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि उत्तरांखड की षिक्षा व्यवस्था को संभालने में 80 प्रतिषत भागीदारी

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रूड़की! अषासकीय विद्यालय प्रबंधक एसोसिऐषन की बैठक में जिला अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार गुप्ता ने प्रदेष सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि उत्तरांखड की षिक्षा व्यवस्था को संभालने में 80 प्रतिषत भागीदारी अषासकीय विद्यालयों की होते हुये भी सरकार उनका अस्तित्व मिटाने पर लगी है जिसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में वह भुगत चुकी है तथा आने वाले समय में उत्तराखंड में भी गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने कहा कि अषासकीय विद्यालयों में सरकार की अनदेखी तथा सौतेले व्यवहार के उपरान्त भी 80 प्रतिषत से ज्यादा छात्र संख्या विद्यमान है तथा बोर्ड की मेरिट में भी उनका ही सर्वोपरि स्थान हैं। विरेन्द्र कुमार गुप्ता एसोसिऐषन की नगर के एस0एस0डी0पी0सी0 गर्ल्स इण्टर कालेज में आहूत जनपदीय बैठक में वह बतौर अध्यक्ष बोल रहे थे। ऐसोसिऐषन संरक्षक राजकुमार चौहान एडवोकेट ने कहा कि सरकार को शासकीय तथा अषासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के अनुपात में उन पर धनराषि खर्च करनी चाहिये। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि शासन, विभाग तथा उच्च न्यायालय के आदेष पर सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया खुली होने के बावजूद भी सरकार के मौखिक इषारे पर विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने की अनुमति न देकर मनमानी की जा रही है जिसके विरोध में उच्च न्यायालय में अवमानना याचिकाऐं दायर कर मुहतोड़ जवाब दिया जायेगा। जिला सचिव एवं जिला पंचायत सदस्य अरविन्द राठी ने कहा कि 01 अक्टूबर 2005 से पूर्व विज्ञप्ति एवम् परिणाम के फलस्वरूप शासकीय विद्यालयों के कार्मिकों को पुरानी पेन्षन देने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है जबकि अषासकीय विद्यालयों में अर्ह कार्मिकों को इससे भी वंचित रखा गया है जो सरकार की संकीर्ण मानसिकता तथा पक्षपात पूर्ण रवैये का जीता जागता उदाहरण हैं।
जिला पंचायत सदस्य व रोहालकी के प्रबंधक जयंत चौहान ने दो दषको से सहायता प्राप्त विद्यालयों में खाली चल रहे सफाई कर्मचारियों, चौकीदारों, माली व अन्य परिचारकोें के पदों पर अल्प मानदेय/दिहाड़ी पर कार्यरत कर्मचारियों की आउट सोर्स प्रक्रिया के तहत नियुक्ति का अधिकार प्रधानाचार्य को दिये जाने की मांग दोहराई। मारवाड कन्या पाठषाला इण्टर कालेज, रूड़की के प्रबंधक ललित मोहन अग्रवाल ने बैठक में कहा कि लोकसभा, विधानसभा, पंचायतों व निकायों समेत सभी संस्थाओं का कार्यकाल पंाच वर्ष है लेकिन विद्यालयों की प्रबंध समितियों का कार्यकाल बार-बार मांग करने के बाद भी 03 से 05 वर्ष नहीं किया जा रहा है जिसके नाम पर प्रबंध समितियों का आर्थिक व सामाजिक शोषण किया जा रहा हैं।
एसोसिऐषन के सदस्य एवं धनौरी के प्रबन्धक आदेष चौहान ने लम्बे समय से 50 प्रतिषत से अधिक सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रबंध संचालकों के पदारूढ़ होने पर आपत्ति व्यक्त करते हुये कहा कि संवैधानिक संकट उत्पन्न होने पर मात्र 06 माह की अवधि के लिये प्रबंध संचालकों को नियुक्त करने तथा चुनाव कराकर प्रबंध समितियों को गठित करने का प्रावधान है जबकि सरकार तथा विभाग जान बूझकर इनके माध्यम से विद्यालयों का दोहन कर रहे हैं जबकि उन्हे इस प्रकार के निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं हैं।
आर0 एन0 आई भगवानपुर के अनुराग गोयल ने विद्यालयों की क्रीड़ा शुल्क व स्काउट शुल्क जैसी छात्र निधियों का पंाच माह का शुल्क विभाग द्वारा वसूलने पर कड़ी आपत्ति करते हुये तत्काल इस पर रोक लगाने तथा इसका उपयोग विद्यालय तथा छात्रों के लिये किये जाने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। सी0एम0डी0 इण्टर कालेज, चुड़ियाला के दुष्यंत त्यागी ने कहा कि अषासकीय विद्यालयों के षिक्षकों को जिन विभागीय कार्यों का पारिश्रमिक दिया जाता है उनको सार्वजनिक अवकाष दिवसों के बदले प्रतिकर अवकाष दिये जाने का कोई औचित्य नहीं है इससे षिक्षण कार्य बाधित होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विभागीय अधिकारियों के आदेषों का प्रबंध तंत्र पालन नहीं करेगा।
समय सिंह सैनी, डा0 मनोज चौधरी व सत्यबहार राठी ने कहा कि षिक्षा मंत्री द्वारा जबरन अषासकीय विद्यालयों का प्रान्तीयकरण करने, विरोध करने पर अनुदान समाप्त करने तथा प्रबंधतंत्रों से नियुक्ति का अधिकार छीनने जैसे वक्तव्य दिये जाने का एसोसिऐषन पुरजोर विरोध करती है तथा लोकसभा चुनाव में जनता ने उसका अहसास भी करा दिया हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अब भी सरकार ने अपने दमनात्मक रवैये में कोई परिवर्तन नहीं किया तो आने वाले समय में उसका जवाब दिया जायेगा। वक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि प्रबंध समिति का कोई निकट संबंधी चयन प्रक्रिया की मेरिट में स्थान प्राप्त करता है तो उसके लिये प्रबंध समिति से त्यागपत्र देने की बाध्यता समाप्त करने के लिये एक्ट में संषोधन किया जाये। बैठक का संचालन डॉ0 घनष्याम गुप्ता द्वारा किया गया। अन्त में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही एसोसिऐषन का एक प्रतिनिधि मंडल हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व षिक्षा मंत्री से मिलकर अषासकीय विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिये वार्त्ता करेगा।
बैठक में सुरेष कुमार गर्ग, प्रधान विजय कुमार, अतुल कुमार, बारू सिंह, बिजेन्द्र सिंह, सत्प्रकाष राणा, अमित गोयल, जयप्रकाष, अजय कुमार, डॉ0 दीपक शर्मा, रीनू सैनी, कुलबीर सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहें।


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