
विश्व शांति और सर्व समाज के कल्याण हेतु संतों की विशेष प्रार्थना
रूडकी हर्ष । समाज में प्रेम, सद्भाव और विश्व शांति के संदेश को आगे बढ़ाते हुए माता वर्षा गिरी ने संत महापुरुषों के साथ मिलकर विशेष प्रार्थना का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सदैव “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को अपनाते हुए पूरे विश्व के कल्याण की कामना करता है।माता वर्षा गिरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सनातन परंपरा हमें यह सिखाती है कि धरती पर मौजूद हर जीव—चाहे वह मानव हो या अन्य प्राणी—सभी के प्रति आदर, सम्मान और प्रेम का भाव रखना चाहिए। यही सच्चे धर्म का मार्ग है और यही विश्व शांति की नींव भी है।इस आयोजन में भैरव मंदिर, जूना अखाड़ा हरिद्वार से रामानंद पुरी महाराज, पीलीभीत से आनंद अखाड़ा के जगपाल गिरी महाराज तथा बरेली से महावीर गिरी महाराज सहित कई संत महापुरुष उपस्थित रहे।जूना अखाड़ा के रामानंद गिरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म विश्व कल्याण का मार्ग दिखाता है और सभी प्राणियों में एकता एवं सद्भावना का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जब समाज में प्रेम और एकता का भाव बढ़ेगा, तभी सच्चे अर्थों में विश्व शांति स्थापित हो सकेगी।कार्यक्रम का समापन सभी संतों द्वारा विश्व शांति और मानव कल्याण की सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
