देहरादून में कवियों ने व्यंग्य, प्रेम और सामाजिक चेतना से बांधा समां

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अपने-अपने राम’ की गूंज में सजा कवि सम्मेलन
देहरादून में कवियों ने व्यंग्य, प्रेम और सामाजिक चेतना से बांधा समां
देहरादून। ‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के तत्वावधान में गुरुवार को इंदिरा नगर स्थित चिन्मय टेक्नो स्कूल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कवियों ने सामाजिक विसंगतियों, सियासत पर तीखे व्यंग्य के साथ-साथ प्रेम और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ ने वाणी वंदना से की। मणिका अग्रवाल ‘मणि’ ने संचालन करते हुए शिव स्तुति प्रस्तुत की। दर्द गढ़वाली ने अपने दोहों ‘हाथ जोड़कर मांगते…’ और ‘इनके-उनके देखिए, अपने-अपने राम…’ से खूब सराहना बटोरी।
विजय द्रोणी, मनोज चौहान, डॉ. दिवेश यादव ‘दिव्य’ और सतीश बंसल ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वहीं निशा अतुल्य, डॉ. क्षमा कौशिक, धीरेंद्र प्रताप सिंह और भारती मिश्रा ने भावपूर्ण कविताओं के माध्यम से सामाजिक सरोकार, प्रकृति और नारी शक्ति को स्वर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व राज्यमंत्री राजकुमार पुरोहित सहित अन्य अतिथियों ने साहित्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आयोजन की सराहना की।


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