
हीट वेव से नहीं किया बचाव तो जिंदगी से धो बैठेंगे हाथ: क्रांतिकारी शालू सनी
रूडकी ( इमरान देशभक्त की रिपोर्ट) भास्कर भगवान के तेज से लोग बेहाल, इंद्र देव नहीं हो रहे प्रसन्न
मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी में लोगों का हाल बेहाल हो रहा हैं। आसमान से बरसती आग एवं भीषण गर्मी के कारण लोगों को कहीं भी सुकून नहीं मिल पा रहा हैं। घरों में लगे कूलर पंखे भी फेल हो रहे हैं। दिन प्रति दिन भास्कर भगवान का तेज विकराल रूप धारण कर लोगों को झुलसाने में लगे हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज धूप एवं भीषण गर्मी से बचने के लिए पेड की छाया में बैठकर दोपहरी का आनंद लिया जाता था, मगर भास्कर भगवान के तेज के सामने पेड पौधों की छाया में भी सुकून नहीं मिल पा रहा हैं।
सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट कार्य करने एवं गिनीज बुक होल्डर क्रांतिकारी शालू सैनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से हीट वेव से बचने के लिए अपील की हैं। उन्होने कहा कि हीट वेव को गंभीरता से लेने की आवश्यकता हैं, क्योकि दिन प्रति दिन हीट वेव अपना विकराल रूप धारण कर रही हैं। उन्होने कहा कि लोगों का गर्म हवा यानी हीट वेव में बाहर बुरा हाल हो रहा है। लू लगने के कारण गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होने कहा कि लू लगना, हीट स्ट्रोक ऐसी स्थिति है, जिसका तुरंत इलाज ना कराया गया तों घातक साबित हो सकती हैं। उन्होने कहा कि हीट वेव से बचने के लिए घरों से बाहर ही न निकले। उन्होने कहा कि बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकला जाये। घर से निकलने से पूर्व पानी पी लेना चाहिए और अपने सर व मुह को सूती कपडें से ढांककर ही घर से निकलना चाहिए। घर वापस आने पर थोडी देर बाद फिर से शीतल जल का सेवन करना चाहिए। उन्होने कहा कि गर्मियों में खाली बैठे एवं काम करने के दौरान पसीना बहुत अधिक मात्रा में शरीर से निकलता हैं। उन्होने कहा कि पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं जिस कारण लोग घातक बीमारियों के चंगुल में फंस जाते हैं। उन्होने कहा कि भीषण गर्मी में पानी का सेवन समय-समय पर करना चाहिए ताकि अपके शरीर में पानी की कमी न हो पाये और आप घातक बीमारियों के चंगुल में फंसने बच सके। इस मौसम में अल्का भोजन का सेवन करें। शरीर को अंदर से ठंडा रखने वाले शीतल पेय पदार्थों का सेवन करें। गर्मी में बहुत अधिक तेल और मसालेदार खाना नही खाना चाहिए। बाहर ठेले पर मिलने वाला खाना जैसे फूड आइटम्स से दूरियां बना कर रखे, क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बना रहता हैं। उन्होने कहा कि खुले में बिकने वाले फास्ट फूड का बाहर ना तो हाइजीन का ख्याल रखा जाता है और न ही फ्रेश खाना मिलता है। उन्होने कहा कि लू, हीट स्ट्रोक से बचने के लिए घर का बना खाना खाना चाहिए। इसके अलावा उन्होने कहा कि खान में मौसमी सब्जियों और फलों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए और हो सके तो खाने में सलाद ज्यादा शामिल करें।
