
कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों के लिए फरिश्ता बने सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर H/LT हाफिज रागिबल्लाह
रुड़की/हरिद्वार। हर्ष।
सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर H/LT हाफिज रागिबल्लाह अपने निवास स्थान पर लगभग 200 लोगों को गर्म कंबल बाटे
जब कड़ाके की ठंड और शीत लहर से पूरा देश कांप रहा है, आसमान कोहरे की सफेद चादर में लिपटा हुआ है और गंगा किनारे रहने वाले गरीब व बेसहारा लोग खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं, ऐसे समय में इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर H/LT हाफिज रागिबल्लाह।
रुड़की और हरिद्वार के गंगा किनारे रहने वाले ऐसे अनेक जरूरतमंद लोग हैं जिनके सिर पर न छत है और न ही कोई स्थायी ठिकाना। उन्हें हर मौसम की मार झेलनी पड़ती है—चाहे भीषण गर्मी हो, मूसलाधार बारिश या फिर कड़ाके की ठंड। ऐसे हालात में ऊपर वाला किसी न किसी को उनकी मदद के लिए भेज ही देता है।
सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर H/LT हाफिज रागिबल्लाह भारतीय सेना का एक जाना-माना चेहरा हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश सेवा और मानव कल्याण को समर्पित किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे लगातार मानव सेवा में जुटे हुए हैं। सर्दियों के मौसम में वे जरूरतमंदों के बीच गर्म कपड़े और कंबल वितरित कर रहे हैं, वहीं रमजान के पवित्र महीने में गरीब परिवारों को राशन उपलब्ध कराते हैं।
हाफिज रागिबल्लाह ने बताया कि यह सब उनकी ओर से नहीं, बल्कि ऊपर वाले की प्रेरणा से हो रहा है। उन्होंने कहा,
“मैं तो सिर्फ एक माध्यम हूं, देने वाला तो ऊपर वाला है। वह जब चाहे, जिससे चाहे, सेवा करवा लेता है।”
स्थानीय लोगों और जरूरतमंदों का कहना है कि जब भी हालात मुश्किल होते हैं, हाफिज रागिबल्लाह जैसे लोग उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं। कोई गर्मी में ठंडा शरबत लेकर आता है, कोई सर्दियों में कंबल, कोई भूखों को खाना खिलाता है, तो कोई बारिश में सहारा देता है—यही सच्ची मानवता है।
आज के कठिन समय में सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर H/LT हाफिज रागिबल्लाह जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो यह साबित करते हैं कि सेवा और संवेदना कभी सेवानिवृत्त नहीं होती। इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय शायर अफजल मंगलोरी शाकिर हुसैन साकिब हुसैन डॉ ताहिर मास्टर सुलेमान मास्टर मुस्तफ़ा हुसैन कार्यक्रम में शामिल हाफिज रागिबल्लाह ने कहा आगे भी इसी तरह के कार्य जरूरतमंदों के लिए किए जाएंगे उन्होंने लोगों से भी अपील की है उन लोगों को आगे आना चाहिए जो लोग गरीबों की मदद करने के लिए सक्षम है हम सबको मिलकर उन जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए जो आपकी मदद के तलबगार है
