
विश्वशांति के महानायक ब्रह्माबाबा को किया गया याद!
रुड़की-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रुड़की सेवा केंद्र पर ब्रह्माकुमारीज के संस्थापक ब्रह्माबाबा का 55 वां स्मृति दिवस विश्वशांति दिवस के रूप में मनाया गया।राजयोगिनी बीके गीता दीदी की अध्यक्षता व बीके रजनी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखंड गन्ना विकास सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री स्तर श्यामवीर सैनी ने कहा कि विश्व शांति व चरित्र निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी ब्रह्माकुमारीज से बेहतर संस्था दुनिया मे कोई दूसरी नही है।उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं में एक ब्रह्माकुमारी है,जो इस संस्था के ऊंचे मानदंडों का एक बड़ा प्रमाण है।उन्होंने ब्रह्माबाबा के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए स्वयं भी इस संस्था से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की।उन्होंने शिवाजी महाराज का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भारत भूमि पर हमेशा से नारी शक्ति को पूज्य माना जाता रहा है,इसीलिए हम अपने देश को भारत माता के रूप में सम्मान देते है।उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र में उनका आना,उनके किसी बड़े पुण्य का प्रतिफल है।उन्होंने ब्रह्माकुमारीज की ईश्वरीय साधना व नारी शक्ति के प्रति सम्मान को सराहा और कहा कि ब्रह्माबाबा ने जिस प्रकार अपना सर्वस्व त्यागकर युग प्रवर्तक की भूमिका निभाई वह अनुकरणीय है।उन्होंने मुक्त कंठ से ब्रह्माकुमारीज के सेवाकार्यों की प्रसंशा की व कहा कि उन्हें यहां आकर जो शांति व रूहानियत की अनुभूति हुई है,वह अपने आप मे बेहद सुखद है।अध्यक्षीय उदबोधन में बीके गीता ने विस्तार से ब्रह्माबाबा के जीवन पर प्रकाश डाला और उन्हें विश्व शांति का एक फरिश्ता बताया तथा उनके बताए रूहानियत मार्ग पर चलने की जरूरत बताई।बीके रजनी ने भावी पीढ़ी को चारित्रिक ज्ञान देने की आवश्यकता बताई। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यअतिथि श्यामवीर सैनी को शॉल ओढ़ाकर व ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में शिवकुमार, श्रीगोपालनारसन, लक्ष्मण सिंह,महेंद्र सैनी,रेखा,अमरेश,राजबाला, अनिल कुमार, शिव कुमार धीमान, सपना ,सूर्यकांत सैनी आदि मौजूद रहे।
