पत्रकारों के सामने अनेक चुनौतियां आती है, इसके बावजूद पत्रकार अपने सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करता है। 

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आज प्रेस क्लब भवन रुड़की पर 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान अध्यक्ष बबलू सैनी की अध्यक्षता व महामंत्री अनिल सैनी के संचालन में पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि बदलते दौर के अनुसार पत्रकारिता के उद्देश्य ओर तरीकों में भी बदलाव आ गया है। पहले पत्रकारिता जुनून होता था, लेकिन अब पत्रकारिता व्यवसायिक भी होती जा रही है। पत्रकार तोषेन्दर पाल सिंह ने कहा कि पत्रकार अपनी लेखनी ओर कलम से समाज की बुराइयों को दूर करने में अपना योगदान देता है, ऐसे में सरकारों को भी इनकी बेहतरी के लिए प्रयास करने चाहिए। वहीं वरिष्ठ पत्रकार सुभाष सक्सेना, दीपक अरोड़ा, संदीप पोहिवाल कोषाध्यक्ष, योगराज पाल ने भी अपने अपने शब्दों में गणेश शंकर विद्यार्थी के बलिदान पर विचार रखे और उनके संघर्ष को याद किया। कहा कि उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के सामने कभी घुटने नही टेके ओर पत्रकारिता की क्रांति से लोगों में नया जोश भरने का काम किया। आज हिंदी पत्रकारिता समाज और देश के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान निभा रही है। इस दौरान अध्यक्ष बबलू सैनी ने सभी से आह्वान करते हुए कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता की गरिमा बनाये रखना हम सभी पत्रकारों की जिम्मेदारी है। आज भले ही पत्रकारिता का पेशा व्यवसायिकता की ओर बढ़ रहा हो, लेकिन पत्रकार कभी अपने पेशे से समझौता नही करता। इससे पूर्व सभी पत्रकार बंधुओ ने गणेश शंकर विद्यार्थी के चित्र के सम्मुख पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर अध्यक्ष बबलू सैनी, महामंत्री अनिल सैनी, कोषाध्यक्ष संदीप पोहिवाल, निदेशक टीना शर्मा, पत्रकार तोषेन्दर पाल सिंह सुभाष सक्सेना, अरुण कुमार, योगराज पाल, दीपक अरोड़ा, आयुष गुप्ता, मेहरान जैदी, मनोज जुयाल, शशांक सिंघल, विकास भाटिया, सुनील पटेल, रवि सक्सेना, विशु सैनी आदि बड़ी संख्या में पत्रकार गण मौजूद रहे।


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