
शिक्षा हमें जीने का तरीका सिखाती है
मनुष्य की खासियत है कि वह ज्ञान की तलाश करता है और नए अनुभवों को प्राप्त करने की इच्छा रखता है। इसी ज्ञान के माध्यम से हम अपने अधूरे ज्ञान को बढ़ाते हैं और समाज का विकास करते हैं। जोकि मानव समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शिक्षा का वास्तविक अर्थ ज्ञान प्राप्ति है। इसमें न केवल एकल व्यक्ति के लिए ज्ञानार्जन का आधार साधन है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक, और राष्ट्रीय स्तर पर विकास का माध्यम भी है। लगातार स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संगीत खेलकूद व्यायाम और वाद विवाद प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम कराए जाते हैं आज के समय में छोटे बच्चों को शिक्षा के लिए खेल-खेल में शिक्षा का प्रावधान भी शामिल है जैसे अध्यापक वह अध्यापिकाओं द्वारा बच्चों को मोटिवेट करना चाहे फिर वह मंच पर खड़े होकर किसी भी विषय पर बिना रुके अपनी बातों को श्रोताओं तक पहुंचाना जैसे कार्यक्रम शामिल है इसी विषय पर आधारित डीपीएस स्कूल हरिद्वार। 11वीं की छात्र स्वस्ति सचदेवा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई में डीपीएस स्कूल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर छात्राओं ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
आपको बता दें प्रत्येक वर्ष होने वाली प्रतियोगिता डीपीएस स्कूल द्वारा इस बार नवी मुंबई में आयोजित की गई प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले भारत के अलग-अलग राज्यों के डीसीएस स्कूलों द्वारा ऑनलाइन प्रतियोगिता आवेदन किया गया लेकिन 28 स्कूलों का ही चयन किया गया
जिसमें दिल्ली आर.के पुरम डीपीएस सिलिगुड़ी हैदराबाद वाराणसी पटियाला मथुरा हरिद्वार आदि स्कूल शामिल रहे इस मौके पर मौजूद छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लेकर अलग-अलग विषयों पर अपनी अपनी बातो को रखा।
इस मौके पर डीसीएस मणिपुर की तरफ से डिबेट लिटलूम इवेंट मे शामिल स्वस्ति सचदेवा श्रीमय अधिकारी और अन्वेष सिंह ने भाग लेकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया और अपने स्कूल और अपने प्रदेश का नाम रोशन कियादेश भर आये प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में शामिल हुये हरिद्वार जिले की डीसीएस की 11वीं छात्रा स्वस्ति सचदेवा ने बेबाक होकर अपने विषय पर चर्चा की श्रोताओं को मंत्रमुग्ध दिया और दूसरा स्थान प्राप्त किया स्वस्ति सचदेवा ने केवल उत्तराखंड का ही नहीं बल्कि भारत का भी मान बढ़ाया है छोटी उम्र में शिक्षा का महत्व समझना और बेबाकी से मंच के माध्यम से श्रोताओं के बीच अपनी बात को रखना यह दर्शाता है कि भविष्य में हमारी बेटियां पूरी दुनिया में अपने देश का अपने माता-पिता और अपने प्रदेश उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे
