
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सर्वप्रथम भोले शंकर का जल अभिषेक किया गया उसके बाद विशेष पूजा अर्चना की गई संदीप महाराज
उत्तराखंड ( हर्ष)भारतीय संस्कृति और मान्यताओं के अनुसार सबसे उच्च स्थान गुरु को दिया गया है कहते हैं की माता-पिता के बाद गुरु को ही सबसे श्रेष्ठ माना गया है क्योंकि गुरु ही जीवन को सही दिशा में चलने के लिए मार्गदर्शन करता है जीवन में एक गुरु का होना अति आवश्यक है अगर जीवन में सही मार्ग को चुना है तो गुरु का होना जरूरी है
आज देश भर में गुरु पूर्णिमा बड़े ही हर्ष के साथ मनाई गई आज के दिन गुरु पूजा के साथ गंगा स्नान का भी विशेष महत्व माना जाता है और कई राज्यों में तो आज के दिन विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं
इसको संजोग की बात कहिए कि आज गुरुवार है और आज ही गुरु पूर्णिमा है
गुरु पूर्णिमा पर हर की पौड़ी पर पवित्र स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालुगुरु। पूर्णिमा, जिसे आषाढ़ पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है आज के दिन स्नान और दान करना बहुत शुभ माना जाता है गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हर की पौड़ी स्थित गंगा नदी में पवित्र स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े
रुड़की में अनेकों स्थान पर गुरु पूर्णिमा
पूजा का कार्यक्रम किया गया मंदिरों में व्यासपीठों पर विशेष गुरु पूजा का विशाल आयोजन किया गया और भक्तों ने अपने-अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया भेंट स्वरूप गुरुजनों को अलग-अलग उपहार भी भेंट किए गये पूजा उपरांत प्रसाद वितरण का भी कार्य किया गया
रूडकी में आयोजित कार्यक्रम गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संदीप महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि आज का दिन विशेष रूप गुरु और शिष्य का दिन होता है शिष्य अपने गुरु को अपनी श्रद्धा अनुसार भेंट स्वरूप उपहार देते हैं और अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं मां बगलामुखी के भक्त संदीप महाराज ने कहा की आज संस्थान पर शिष्यों ने गुरु पूर्णिमा पर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया उन्होंने कहा कि गुरु और शिष्य का रिश्ता दुनिया में माता-पिता से भी बड़ा होता है इस मौके पर मौजूद समाजसेवी दीपक लाखवान ने भी का आशीर्वाद प्राप्त किया कार्यक्रम में कई राज्यों से आये शिष्यों ने गुरु की वंदना की और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया
