अंधेरे से दूर ले जाती है किताब अच्छे और बुरे की पहचान कराती है किताब निवर्तमान मेयर गौरव गोयल

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रुड़की।निवर्तमान मेयर गौरव गोयल ने कहा है कि शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अंधकार में रहता है,शिक्षा एक जीवन ज्योति का रूप है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बड़ी आवश्यकता है,इसलिए मेरा प्रयास है कि अपना जीवन शिक्षा की अलख जगाने के लिए समर्पित करूं।निवर्तमान मेयर गौरव गोयल ने खंजरपुर में तीन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सैकड़ों स्कूली बच्चों को मुफ्त किताबों,बस्ते व पेन्सिल बाक्स के वितरण के अवसर पर कहा कि अगर हम अपनी नई पीढ़ी को शिक्षा के लिए प्रेरित करेंगे तो ये भी देशसेवा व पुण्य का कार्य होगा।उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी आय का केवल पांच प्रतिशत भी गरीब बच्चों की शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए खर्च करें तो देश की साक्षरता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हो सकती है।उन्होंने कहा कि केरल में देश की सबसे अधिक साक्षरता दर इसलिए है,वहाँ के गरीब से गरीब लोग भी अपने बच्चों को शिक्षा को अनिवार्य मानते हैं।राजकीय प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक श्रीमती हर्षलता शर्मा,राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-3 के प्रधानाध्यापक अवधेश शर्मा व राजकीय जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक रामदास सिंह ने कहा कि रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल द्वारा कई दशकों से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य अंजाम दिए जाते रहे हैं,जिसमें स्कूली बच्चों के लिए निशुल्क वस्त्र,पाठन सामग्री तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध बहुत ही सराहनीय है।उनके इस कदम से बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता आती है तथा बच्चों में पढ़ाई के प्रति लगन और रुचि भी बढ़ती है।इस अवसर पर गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे


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