
रूडकी हर्ष।धरती पर प्रत्येक युग में ऋषि मुनियों, संतों, महंतों, और महापुरुषों ने जन्म लिया है। लोगों में भक्तिभाव जीवित रखने में महापुरुषों का विशेष योगदान रहा है। इन महापुरुषों ने समाज सुधारक का कार्य करते हुए संसार के लोगों में भक्तिभाव बढ़ाने, श्रद्धा और विश्वास जगाने का काम भी किया है। ईश्वर में इनके अटूट भक्तिभाव को देखकर लोगों के अन्दर भी आस्था और श्रद्धा जागृत होती है। ऐसे ही एक महापुरुष संत शिरोमणि रविदास महाराजा हुए हैं। जिन्होंने खुद पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की सतभक्ति की और संसार को सतभक्ति के बारे में बताया। संत रविदास महाराज की विचारधारा से प्रभावित होकर लोग इन्हें अपना गुरु तो मानते ही है लेकिन उनके द्वारा दिखाए मार्ग पर कम चलते है ! अर्थात प्रभु के बताए मार्ग पर चलना ही अपने जीवन को सार्थक करना है महापुरुष केवल समाज कल्याण हेतु ही जन्म लेते हैं संतों के दिखाए सतमार्ग पर चलकर ही हम अपने जीवन और समाज की विचारधारा को बदल सकते हैं।
इसी संबंध में आज रुड़की संत शिरोमणि घाट पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है
रुड़की में संत शिरोमणि घाट जो की आस्था का प्रतीक है संत शिरोमणि को मानने वाले उनकी आराधना वंदना सच्चे मन से करते हैं संत शिरोमणि रविदास ने अपना जीवन सदा मानव सेवा के लिए समर्पित किया है और प्रतेक महापुरुष ने अपनी बातों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है ताकि कोई भी संत के वचनों से अछूता न रहे
संत रविदास महाराज ने जीवनपर्यंत सामाजिक भेदभाव को खत्म करने और समाज में सभी वर्ग के लोगों को समान अधिकार और सामाजिक एकता के निर्माण का संदेश दिया ताकि हम सब एक साथ मिलकर संत के बताए मार्ग पर चल सकें और अपने जीवन को सार्थक कर सके इसी उद्देश्य से रुड़की संत शिरोमणि रविदास घाट पर महीने के प्रथम रविवार को घाट की साफ सफाई व्यवस्था के साथ-साथ विशाल भंडारी का भी आयोजन किया जाता है जिसमें आसपास के लोग ओर भक्तजन अधिक से अधिक संख्या में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते हैं श्रद्धा और विश्वास का तट है संत शिरोमणि घाट इस मौके पर संत शिरोमणि घाट सभा के अध्यक्ष अधिवक्ता भारत मुकेश नौटियाल गोविंद कुमार सुरेश कुमार रकम सिंह रोहित कुमार टिल्लू विकी मनमोहन आदि सेवा में शामिल रहे
उत्तराखंड से पत्रकार हर्ष की रिपोर्ट
