
रुड़की से हर्ष की रिपोर्ट। मिशन चंद्रयान-3 की सफलता पूर्वक लैंडिंग का जश्न पूरे देश प्रदेश मे उल्लास से मनाया जा रहा है मिशन चंद्रयान 3 की सफलता पाने के बाद आज पूरी दुनिया भारत की और देख रही है भारत वासियों के लिए बड़ा ही गर्व का विषय है जब देश के साइंटिस्टों ने यह कर दिखाया के भारत किसी भी मामले में किसी से पीछे नहीं है मिशन चंद्रयान टीम का हिस्सा बने इसरो के साइंटिस्ट रवीश कुमार जो रुड़की के रहने वाले हैं आज रवीश कुमार के आवास पर शहर के बुद्धिजीवी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रवीश कुमार के परिवार से भेंट की ओर माता मिथिलेश पवार को शॉल भेट कर शुभकामनाएं दी रवीश कुमार की माता ने बताया रवीश बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में रुचि रखता था और उसका सपना था की बडे होकर साइंटिस्ट बनु रवीश कुमार ने अपनी पढ़ाई रुड़की के ही एक कॉलेज से पूरी की और उसके बाद रवीश कुमार का साइंटिस्ट बनने का सपना साकार हुआ रवीश की माता ने बताया की 17 साल से देश की सेवा में रवीश कुमार अपना योगदान दे रहा है सरल स्वभाव माता मिथिलेश ने कहा कि पिता लंबे समय से बीमार चल रहे है आज इस खुशी के मोके पर जब पूरा देश ख़ुशी मना रहा है वही रवीश कुमार के पिता नीरज पवार लंबे समय से बीमारी से लड़ रहे हैं मॉ मिथिलेश पवार ने कहा की बेटे पर पहले से ही भरोसा था की रवीश देश के लिए कुछ ना कुछ ऐसा करेगा जब पूरे देश को रवीश कुमार पर गर्व होगा उन्होंने कहा कि मुझे बहुत ही खुशी है कि आज मिशन चंद्रयान 3 का हिस्सा रवीश कुमार बना है उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि देश का प्रत्येक बेटा.बच्चा ऐसा ही बने मां मिथिलेश पवार की खुशी से आंखें झलक पड़ी आपको बता दें की रवीश कुमार के पिता गन्ना विभाग रोहाना मिल में कार्यरत थे और रवीश ने वहीं से अपनी दसवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की थी उसके बाद रुड़की मे पढ़े और एम.टेक बेंगलुरु से किया और अब केरल में कार्यरत है इस मौके पर समाजसेवी वैद्य टेकवल्लभ ने भी अपने विचारों को रखते हुए कहा की आज हम सबके लिए ही बड़ा ही हर्ष का विषय है कि हमारी शिक्षा नगरी रुड़की का बेटा रवीश कुमार चंद्रयान 3 का हिस्सा बना है यह केवल शहर के ही लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए हर्ष का विषय है और ऐसे माता-पिता जिन्होंने रवीश कुमार जैसे बेटे को जन्म दिया ओर उसको दिए गए संस्कार व रवीश कुमार की कड़ी मेहनत रंग लाई है वैद्य ने कहा की हमारे देश के साइंटिस्टों ने वह करके दिखाया है जो पूरी दुनिया में किसी ने नहीं किया उन सभी साइंटिस्टों को हार्दिक शुभकामनाएं साधुवाद जिन्होंने देश का नाम दुनिया में रोशन किया है इस मौके पर क्रांतिकारी सामाजिक कार्यकर्ता मास्टर दीपक कुमार लाखवान ने कहा रुड़की शिक्षा नगरी के नाम से विश्व प्रसिद्ध है यहां पर बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान और अनेकों साइंटिस्ट जो दिन रात मेहनत कर देश की सेवा में लगे हैं हमें अपने बच्चों में भी रवीश कुमार जैसे संस्कार देने चाहिए और बच्चों को भी रवीश कुमार से सीख लेनी चाहिए। इस मौके पर समाजसेवीका नीरज सिंह ने अपने विचारों को रखते हुए कहा आज रवीश कुमार ने वह किया है जिसे देश कभी नहीं भूल पाएगा बच्चों को रवीश कुमार जैसा बनना चाहिए उन्होंने युवाओं से अपील की है की ज्यादा से ज्यादा अपनी शिक्षा और अपनी सेहत पर ध्यान दें नशे या अन्य किसी भी ऐसे कार्य को ना करें जिससे तुम्हारा भविष्य खराब होता हो बच्चे हमारे देश की रीड की हड्डी है उनको शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देना अति आवश्यक है माता-पिता अपने बच्चों का ध्यान रखें उन्होंने रवीश कुमार के परिवार उनकी माता को हार्दिक शुभकामनाएं दी और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए कहा इस मौके पर
शहीद भगत सिंह ब्रिगेड प्रदेश अध्यक्ष शिल्पी सिंह, गौरव अध्यक्ष
आकाश माहेश्वरी प्रधानाचार्य योगी मंगलनाथ सरस्वती विद्या मंदिर वैद्य टेक वल्लभ, सुभाष गोस्वामी,
आयुषी त्यागी, नीरज रंधावा, भाजपा महिला मोर्चा आदि
